Saturday, May 16, 2009

यूपीए की जय हो...



यूपीए की जय हो...
जहां एक तरफ जय हो ..गाने को गाकर भारत के चर्चित संगीतकार ए.आर रेहमान ने ऑस्कर जीता वहीं इस गाने को अपना चुनावी नारा बनाने वाली यूपीए ने लोकसभा इलेक्शन की बाज़ी मार ली।बीजेपी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि इलेक्शन के जब रिज़ल्ट्स आएंगे तो ये हशर होगा कि यूपीए इतने भारी अंतर से जीतेगी।चौकांने वाले परीणामों ने बीजेपी की तो बोलती बंद कर ही दी साथ ही में माक्सवादीयों ने भी अपने गुठने टेक दिए।कॉन्ग्रेस का वो जादू चला की एक दशक बाद उसे पूर्ण बहुमत का सुख प्राप्त होगा।अब बात आती है कि आखिरकार कौन है कॉन्ग्रेस की इस विजय का मुख्य कारण?तो सबसे पहले नाम सामने आता है पार्टी के स्टार्स का..और एक ही नाम सबके ज़हन में आता है और वो है..गांधी वंश के चशमों चिराग..पार्टी के यूवराज..यानी राहूल गांधी..राहुल गांधी का जादू इस इलेक्शन में जनता के सिर चढ़कर बोला और राहुल के साथ साथ उनकी इकलौती बहन और जो किसी राजकुमारी से कम नहीं प्रियांका ने भी रैलियों में खूब भीड़ बटोरी।यानी जो समीकरण निकल के आए वो तकरीबन वहीं हैं जो इंदरा गांधी के समय हुआ करते थे।गांधी परिवार का एक छत्र राज।पूरे वर्चस्व का अनंद उठाते हुए सोनिया गांधी ने इस इलेक्शन में अपने दोनों चशमों चिराग को पार्टी हित के लिए जनता के बीच ला खड़ा किया और परिणाम आपके सामने है।सूरज की तपीश में रैलीयां और एक सूती साड़ी में स्टाइल की नई पराकाष्टा बनाने वाली प्रियांका गांधी ने आम आदमी को इतना रिझाया कि वोट डालते वक्त उसको बीजेपी का कमल तो नज़र ही नहीं आया।हां भले ही बीजेपी के भय हो की कोशिश जरूर जनता को ज़रा लुभा गई मगर भीजेपी उससे वोट काटने में नाकाम ही साबित हुई।बीजेपी के कई गद्दावर नेता ताश के पत्तों की भाती गिर गए और जो बहुबली इस इलेक्शन में ये सोच के उतरे थे कि उनके तमंचे का डर यहां भी जादू चलाएगा..तो वो भाई साहब फेल हो गया।मगर गुरु जनता अब समझदार हो गई है।आज के यूवा को पप्पू की संज्ञा देने वालों को ये तो समझ आ ही गया होगा कि पप्पू डांस भले ही ना कर सके मगर अपना वोट बड़ी समझदारी से डाल सकता है।