Thursday, December 11, 2008

panchvi fail sarkaar!


उससे हुआ क्या.......?
देश में बढ़ता आतंकवाद और तेज़ी से फैलती मंदी की आग।ये सोचने पर मजबूर कर देती है कि कल क्या होगा ?..आतंकवाद और आर्थिक मंदी की नियत एक जैसी ही है।दोनों का मकसद एक है...तबाही..एक जिस्मों के टुकड़े करता है और दूसरा जेब के।मुंबई धमाकों के बाद देश में जगह-जगह पर कई विरोध प्रदर्शन हुए...पर उससे हुआ क्या.?.हाल ही में हुए चुनाव ने राजनेताओं को सत्ता की कल्पनाओं में गुम कर दिया..और वे भूल गए कि मुंबई धमाकों के बाद उन लोगों ने उचित कार्रवाई के क्या क्या दिलासे दिए थे कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाएगें,देश के दुशमनों को उनकी माकूल जगह पहुचाएगें ।पर उससे हुआ क्या ?साथ ही पहले से ही वैश्विक मंदी का दबाव झेल रही भारतीय अर्थव्यवस्था मुंबई प्रकरण के बाद और सकते में आ गई।आनन-फानन में हमारे वित्तमंत्री साहब को गृहमंत्रालय और माननीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वित्तमंत्रालय का कार्रभार जरूर अपने कंधों पर उठा लिया पर उससे हुआ क्या ?लोगों को आतंकी हमले की दहशत से उबारने के लिए सरकार ने तेल के दामों में कमी कर दी..हां लेकिन कटौती उन्हीं दामों में की गई जो दाम सरकार पहले से ही बढ़ा चुकी थी।यानी की सरकार ने पहले तेल कंपनियों को होते घाटे की दुहाई देकर दाम बढ़ाए फिर आम आदमी को राहत का हवाला देते हुए दाम घटाए...पर उससे हुआ क्या ? अब बारी आई राहत पैकज की..तो अमेरिकी सरकार की देखा-देखी भारतीय सरकार ने देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए एक भारी भरकंम बेलआउट पैकेज का ऐलान कर मारा।कहा गया कि इस राहत पैकेज से मंदी के चपेट में जाते कई सेक्टर बच पाएंगें..पर उससे हुआ क्या ?बात चाहे आतंकवाद की हो या फिर आर्थिक मंदी की सरकार के सारे कदम बेआसर ही साबित होते नज़र आए और सरकार लोगों की जेब की कंगाली के साथ-साथ उनकी जान की हिफाज़त भी करने में नाकाम रही।देश की आर्थिक नगरी पर दोहरे हमले ने भले ही इन सफेदपोशों की सत्ता में फेरबदल कर दिया हो पर आखिरकार उससे हुआ क्या ?

2 comments:

ABHINAV said...

nice article..you have written against the leadrs & sysytem and i think u want to awake people, who are not caring about the future of the country and the world. keep it up

abhinav

think wat u thaught said...

we lives in India but we have to thik as an American..b'coz if we think as an Indian thn "USSE HOGA KYA".Jo sarkaar aise mudde par bhi khamosh rahe usse behtar military raj ho sakta hai.
anyway Media can play a major role to stop terrorism.
nice article dear.
keep it up.